क़ृषि आर्थिक सहायता।

कृषि आर्थिक सहायता के बारे में कुछ बिंदु निम्नवत हैं।

1. भारत मे 2018-19 में सरकार द्वारा विभिन्न मदों जैसे कि MSP के रेट पर खरीददारी करने , फ़र्टिलाइज़र पर सब्सिडी देने, कर्ज माफ करने में लगभग 2.56 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गए। यह संख्या 2019-20 में लगभग 2.7 लाख करोड़ होने का अनुमान है

2. अगर कुल खेती योग्य भूमि के हिसाब से देखा जाए तो यह लगभग 19800 रुपये प्रति हेक्टेयर या प्रति 17 बीघा आता है। इसमें अगर हाल ही में बताए गए मझोले किसानों को दिए जाने वाले 6000 रुपये और जोड़ दिए जाएं तो यह लगभग 25800 प्रति हेक्टेयर या प्रति 17 बीघा हो जाती है।

3. किसान को दिए जाने वाले कर्ज का फायदा भी कोई और ही ले रहा है। 10.78 लाख का लोन RBI के हिसाब से 2016-17 में दिया गया था। ज्ञात हो कि यह लोन 4 प्रतिशत की दर से दिया जाता है वहीं पर आप दूसरे किसी तरह के लोन लेंगे तो वो 8 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत की दर पर दिए जाते हैं।

कुल लोग जिन्होंने लोन लिया था उनमे से केवल 40 प्रतिशत लोगों ने ही 2 लाख रुपये से कम का लोन लिया था।

13 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने 1 करोड़ से अधिक का लोन लिया था।

ऊपर के 210 लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने 100 करोड़ से ऊपर का लोन लिया हुआ है। ये लोग वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरज इत्यादि के मालिक हैं। खेती सम्बन्धी लोन से सबसे ज्यादा कमाई तो यही लोग कर रहे है जो खेती से जुड़े किसी उद्योग में लगे हुए हैं।

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कृषकों के लिए बजट  २०१९ में क्या है ?



हाल ही में सदन में पेश किये गए बजट में छोटे किसानों एवं भूमिहीन  मज़दूरों के लिए किये गए प्रावधान निम्नवत हैं -

१. ऐसे किसान परिवार जिनके पास कृषि योग्य भूमि २ एकड़ से कम है, इन परिवारों को सालाना ६००० रुपये की आर्थिक मदद सरकार द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में की जाएगी। इस स्कीम के तहत सरकार को लगभग ७५००० करोड़ का  अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा। चालू वर्ष में स्कीम के लिए  २०००० करोड़ रुपये सरकार दे रही है, क्योंकि स्कीम को १ दिसंबर २०१८ से लागू किया जाना सुनिश्चित हुआ है। देश भर में लगभग १२ करोड़ परिवारों को इस स्कीम से मदद मिलेगी। 
हेक्टेयर, एकड़ एवं बीघा में सम्बन्ध देखने के लिए आप नीचे दी गयी तालिका की मदद ले सकते हैं।  



 १ हेक्टेयर 
 एकड़ 2.47 
 १ एकड़ 
 लगभग ४०४७ वर्गमीटर 
 पश्चिमी उत्तरप्रदेश का १ बीघा 
 लगभग ६९० वर्ग मीटर 
 २ हेक्टेयर 
 लगभग ३४ से ३५ बीघा 

अर्थात ऐसे परिवार जिनके पास ३३ से ३४ बीघा या उससे कम खेती योग्य भूमि है, तो वो इस स्कीम में अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। 




२. इसके अलावा अनौपचारिक क्षेत्रों में काम कर रहे मज़दूरों के लिए प्रधानमंत्री श्रम  योगी मानधन स्कीम का प्रावधान भी किया गया है।   स्कीम के तहत मज़दूरों को ३००० रुपये महीने की पेंशन सुनिश्चित की जाएगी बशर्ते की वो ६० साल की उम्र तक हर महीने एक राशि इस योजना में जमा करते रहें।  २९ साल के मज़दूर के लिए ३००० महीने की पेंशन प्राप्त करने के लिए यह राशि लगभग १०० रुपये महीना होगी, जो की उस व्यक्ति को ६० वर्ष की उम्र तक हर महीने भरने होंगे।    


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